दोस्त सच्चा है या चापलूस…ऐसे समझें अंतर, नहीं खाएंगे धोखा

जन्म लेते ही इंसान किसी का बेटा या बेटी बन जाता है तो वहीं किसी का भाई-बहन. और न जाने कितने रिश्तों से जुड़ता चला जाता है. बहुत सारे रिश्ते हमें जन्म के साथ ही मिलते हैं और कई बार जीवनसाथी भी दूसरों की पसंद का होता है, लेकिन दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो खुद चुना जाता है. यही वो रिश्ता होता है, जो सबसे ज्यादा कंफर्ट फील करवाता है और दोस्तों के बीच ही हम बिना झिझके हर एक बात शेयर कर लेते हैं. यही वजह है कि जिंदगी में सही दोस्त का होना बहुत जरूरी है. जहां अच्छा और सच्चा दोस्त आपकी लाइफ के लिए मजबूत स्तंभ की तरह होता है तो वहीं जो लोग सिर्फ दोस्ती का दिखावा करते हैं, वह गर्त में धकेल सकते हैं, दोस्ती भले ही बिना सोचे-समझे हो जाए, लेकिन समय रहते यह पहचानना जरूरी है कि दोस्त सच्चा है या फिर वह सिर्फ चापलूस है.
जिंदगी में बहुत सारे लोग मिलते हैं. उनमें से कुछ से हमारी बातचीत होती है तो किसी के साथ अच्छी बॉन्डिंग हो जाती है और यह बॉन्डिंग दोस्ती में बदल जाती है, लेकिन इनमें से भी बहुत कम होते हैं, जिनके सामने आप सच में सब कुछ बिना झिझक के कह सकते हैं और ऐसे लोगों को ढूंढना जरा मुश्किल होता है तो चलिए जान लेते हैं कि कैसे करें सच्चे दोस्त और चापलूस में अंतर.
प्रशंसा करने के तरीके से पहचानें
सच्चा दोस्त जहां आपके अच्छे लगने और अच्छे काम या अच्छी बात पर तारीफ करेगा तो वहीं वह आपके अंदर कई कमियां भी गिना देगा और पॉजिटिव के साथ ही नेगेटिव प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नहीं झिझकेगा. जबकि चापलूस लोग हमेशा ही तारीफ करते नजर आते हैं. वह हर छोटी बात पर आपकी तारीफ करेंगे और हां में हां मिलाएंगे.
दोस्ती में होती है केयर
दोस्ती सिर्फ वो नहीं होती है, जहां लोग साथ फोटो फ्रेम में नजर आते हैं, साथ में घूमते हैं पार्टी करते हैं, बल्कि वह अपने दोस्त की वाकई केयर करते हैं. सच्चे दोस्त भले ही आपके पास न रहें, रोज पार्टी या हर वक्त फोन पर बात न करें, लेकिन जरूरत पड़ने पर आपके लिए समय निकालेंगे और बिजी लाइफ के बीच भी आपका हाल-चाल लेते रहेंगे. जबकि चापलूस और मुखौटा लगाए लोग अच्छे समय तो साथ दिखेंगे, लेकिन जब आप उनसे मदद मांगेंगे तो वह कुछ न कुछ बहाना कर देंगे, इसलिए एक बार मदद के लिए किसी से पूछकर देखें.
सच्चे दोस्त बेहतर बनने में करते हैं मदद
जो दोस्त सच्चे होते हैं वह हमेशा अपने दोस्त का भला चाहते हैं. कमियों के बावजूद वह आपको अपनाते हैं, लेकिन उनमें धीरे-धीरे सुधार करते हैं और आपकी कमियां भी बताते हैं भले ही आप उनसे गुस्सा क्यों न हो जाएं. वहीं नकली दोस्ती रखने वाले या फिर खराब संगत के लोग आपके गलत करने पर भी कुछ नहीं बोलेंगे, इसलिए ऐसे लोगों से दूरी बनाना ही बेहतर होता है.
सच्चा दोस्त समझता है फीलिंग्स
जब आप किसी तरह की परेशानी में होंगे या फिर उदास दिखाई देंगे तो सच्चा दोस्त यह जानना चाहेगा कि आप कैसे हैं. आपके अंदर क्या चल रहा है. आप कैसा महसूस कर रहे हैं, लेकिन जो लोग दोस्ती का सिर्फ दिखावा करते हैं वह आपकी भावनाओं की बजाय यह जानना चाहेंगे कि परेशानी के पीछे कोई मिस्ट्री तो नहीं है और वह सांत्वना भरे शब्दों में चीजों को कुरेदने की कोशिश करेंगे.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *