रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या से हैं परेशान! तो राहत दिला सकता है ये योगासन

आजकल के खराब लाइफस्टाइल के कारण कई बीमारियां बढ़ने लगी हैं. लोग फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं. बल्कि उनके दिन का ज्यादातर समय एक जगह पर बैठे हुए निकलता है. इसकी वजह से उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है.

घंटों एक ही जगह पर बैठे हुए लैपटॉप, मोबाइल और कंप्यूटर पर काम करने से उन्हें कमर में दर्द जैसी परेशानी हो सकती है. साथ ही जो लोग झुककर काम करते हैं उनका पोस्चर बिगड़ सकता है. ऐसे में अपनी रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाएं रखने के लिए आप कुछ समय निकालकर ये योगासन कर सकते हैं.

आज हम आपको एक ऐसे योगासन के बार में बताने जा रहे हैं, जो आपकी रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के साथ ही कई तरह की समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.

तिर्यक भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं फिर कोहनियों को मोड़कर हथेलियों को कंधों के नीचे रख लें. पैरों को आपस में मिला कर सांस भरते हुए आगे से सिर को ऊपर की ओर उठाएं और गर्दन को पीछे की ओर मोड़कर कंधों और छाती को भी ऊपर उठा लें.

धीरे-धीरे कमर को मोड़ते जाएं. शरीर का आगे वाला हिस्सा जंघाओं तक ऊपर उठा लें. ऐसे में आपकी कोहनियां सीधी हो जाएंगी, फिर सांस निकालते हुए गर्दन को बाएं तरफ साइड में घुमाएँ और दाएं ओर घुमाएं और बाएं पैर की एड़ी को देखें. पांच-छह बार गर्दन को घुमाने के बाद सांस निकालते हुए वापस आ जाएं

एक बात का ध्यान रखें कि गर्दन दर्द, तेज कमर दर्द, घुटने में दर्द, हर्निया और अगर पेट में चोट लगी है तो इस आसन का अभ्यास न करें.

तिर्यक भुजंगासन के फायदे

– इस आसन को करने के कई फायदे हैं. ये रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. इससे कमर और गर्दन की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.

– फेफड़ों और कंधों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. इसी के साथ ही नर्वस सिस्टम के लिए फायदेमंद साबित होता है.

– ये योगासन पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे कि कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकता है.

– थायरॉइड के मरीज के लिए भी ये योगासन फायदेमंद साबित हो सकता है.

 

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