फैमिली या फ्रेंड के साथ होटल में की पार्टी, बिल में जोड़ दिया मोटा सर्विस चार्ज, कैसे बचाएंगे अपना पैसा?

परिवार या दोस्‍तों के साथ आप पार्टी करने होटल या रेस्‍तरां पहुंचे और खाने के बिल में मोटा सर्विस चार्ज जोड़ दिया. ऐसे में ग्राहक के पास क्‍या अधिकार होते हैं कि वह अपना पैसा बचा सके. ऐसे मामलों में अक्‍सर होटल वाले सर्विस देने के नाम पर ज्‍यादा पैसे वसूल लेते हैं, जो कि नियम के अनुसार पूरी तरह गलत है. ग्राहक इसकी शिकायत 4 तरीकों से कर सकते हैं.

दरअसल, केंद्रीय उपभोक्‍ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने एक महत्‍वपूर्ण फैसले में कहा था कि होटल और रेस्‍तरां खाने में बिल में सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं. अगर ग्राहक खुद चाहे तो सर्विस चार्ज का भुगतान कर सकता है. बिना ग्राहक की मंजूरी के होटल या रेस्‍तरां सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं. हालांकि, यह फैसला आने के बाद भी कई जगह होटल और रेस्‍तरां ग्राहकों से सर्विस चार्ज वसूलते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो तो क्‍या करना चाहिए.

ग्राहक के पास हैं 4 रास्‍ते

  • सबसे पहले आपको होटल के मालिक या मैनेजर से बात करनी चाहिए. उन्‍हें नियमों का हवाला देकर बिल में लगाए सर्विस चार्ज को हटाने के लिए कहना चाहिए. उन्‍हें बताएं कि बिना ग्राहक की मर्जी के सर्विस चार्ज नहीं वसूला जा सकता है.
  • अगर रेस्‍तरां या होटल का मालिक अथवा मैनेजर आपकी बात नहीं मानता है तो आप नेशनल कंज्‍यूमर हेल्‍पलाइन (NCH) पर अपनी शिकायत कर सकते हैं. यहां पर विवाद को शुरुआत में ही निपटाने की व्‍यवस्‍था रहती है. हेल्‍पलाइन नंबर 1915 पर कॉल करके अथवा NCH के ऐप के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
  • ग्राहक चाहें तो उपभोक्‍ता आयोग में भी इसकी शिकायत कर सकते हैं. इसके अलावा ई-दाखिल पोर्टल पर ऑनलाइन भी शिकायत की जा सकती है. इसके लिए http://www.edaakhil.nic.in पर विजिट करना होगा.
  • ग्राहक के पास संबंधित जिले के कलक्‍टर ऑफिस में भी शिकायत दर्ज कराने का विकल्‍प रहता है. यहां से मामले की जांच करके CCPA को भेजी जाती है. आप चाहें तो CCPA को सीधे तौर पर भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं. इसके लिए com-ccpa@nic.in पर ई-मेल करना होगा ।

क्‍या कहता है उपभोक्‍ता कानून

CCPA ने ग्राहकों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए उपभोक्‍ता संरक्षण कानून की धारा 18(2)(I) में स्‍पष्‍ट गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा है कि अगर कोई रेस्‍तरां या होटल ग्राहक से बिना मर्जी के ज्‍यादा टैक्‍स या शुल्‍क वसूलता है तो यह पूरी तरह गैरकानूनी है और उसके खिलाफ विधि पूर्वक कार्रवाई की जानी चाहिए.

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